बिहुला-बिषहरी पूजा: अंग का सर्प उत्सव

बिहुला-बिषहरी पूजा बिहार के अंग क्षेत्र में, विशेष रूप से भागलपुर और उसके आसपास मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। यह सर्प देवी, देवी मनसा को समर्पित है, और बिहुला के लोक महाकाव्य के इर्द-गिर्द घूमता है, जो एक समर्पित पत्नी थी जिसने अपने पति को सांप के काटने से बचाया था। इस क्षेत्र की भाषा अंगिका है। यह त्योहार नाग पंचमी के साथ एक विषयगत संबंध साझा करता है।,यह त्योहार मानसून के मौसम के दौरान आयोजित किया जाता है, एक ऐसा समय जब सांप सबसे अधिक सक्रिय होते हैं। भक्त सांप के काटने से सुरक्षा और अपने परिवारों की समग्र भलाई के लिए देवी की पूजा करते हैं। अनुष्ठानों में दूध का प्रसाद और बिहुला की कहानी को दर्शाने वाले लाइव प्रदर्शन शामिल हैं।,यह त्योहार मंजूषा कला कला रूप से भी आंतरिक रूप से जुड़ा हुआ है। बिहुला और सर्प देवताओं की कहानी को दर्शाने वाली विस्तृत पेंटिंग बर्तनों और बक्सों पर बनाई जाती हैं, जिनका उपयोग पूजा के दौरान किया जाता है। यह त्योहार विश्वास, लोककथाओं और पारंपरिक कला का एक जीवंत उत्सव है।
कीवर्ड: bihula bishari, manjusha art, bhagalpur, serpent worship, anga region, bihar festivals