औरंगाबाद
अक्सर 'बिहार का चित्तौड़गढ़' कहा जाने वाला औरंगाबाद एक ऐतिहासिक जिला है जिसमें प्राचीन मंदिर और एक समृद्ध सांस्कृतिक विरासत है।
औरंगाबाद के बारे में
औरंगाबाद को अपनी बड़ी राजपूत आबादी और वीरता के इतिहास के कारण 'बिहार का चित्तौड़गढ़' कहा जाता है। यह सूखाग्रस्त लेकिन सांस्कृतिक रूप से समृद्ध जिला है।
इतिहास
यह जिला मगध साम्राज्य का हिस्सा था। यहाँ कई प्राचीन किले और मंदिर हैं। देव सूर्य मंदिर का अत्यधिक ऐतिहासिक महत्व है।
अर्थव्यवस्था
कृषि मुख्य आजीविका है। यह जिला ओबरा में कालीन उद्योग और सीमेंट कारखानों के लिए भी प्रसिद्ध है।
पर्यटक आकर्षण
देव सूर्य मंदिर (छठ पूजा के लिए प्रसिद्ध), उमगा सूर्य मंदिर और दाउद खान किला प्रमुख आकर्षण हैं।

